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सावरकर वीर भी थे और देशभक्त भी

                          इतिहासकार विक्रम संपत द्वारा वीर सावरकर पर लिखी किताब 'सावरकर एक भूले बिसरे अतीत की गूँज' के कारण एक बार फिर से नकली और असली इतिहास और उसका नई पीढ़ी को पढ़ाया जाना चर्चा का केंद्र बन गया है। विदित हो कि यह पहली बार नहीं है जब NCERT को कटघरे में रखा गया है । कुछ माह पूर्व लेखक, अध्यापक और RTI कार्यकर्ता नीरज अत्री ने भी सिलसिलेवार तरीके से NCERT द्वारा गलत इतिहास के परोसे जाने पर बात की थी। उनकी वो RTI सबसे ज्यादा प्रचलित हुई जिसमें उन्होंने NCERT से 'टीपू सुल्तान के दान से बने मंदिरों की सूची की मांग की थी और संस्था ने निर्लज्जतापूर्ण जवाब देते हुए यह कहा था कि उनके पास इस तथ्य को सिद्ध करने के लिए कोई भी दस्तावेज नहीं हैं।            यह बात यहीं खत्म नहीं होती । इस बात से सवाल जन्म लेते हैं कि आखिर ये NCERT के 'रामू काका' बनाए गए लोगों ने इतिहास का विरूपण क्यों किया होगा? जवाब है कि अपनी विचारधारा को ऊपर रखने हेतु। मैं आपको थोड़ा 'रामू काका' के बारे में बताता हूँ। ये जे...